अब किससे शिकवा करें, जब अपना ही दिल बेवफाई कर गया?
तू था तो रंगीन थी, अब सब कुछ बेरंग सा लगने लगा।
हर दिन तेरी यादों में खोकर, हम कुछ और ही हो गए,
सन्नाटों में हमारी बातें गुमनाम हो गए।
शब्दों में जो बात नहीं, वो एहसास क्या है।
आंसू छुपा रहा हूँ तुमसे दर्द बताना नहीं आता
अब दर्द की आदत सी हो गई है, खुशी मिले तो अब डर सा लगता है।
तू चला गया तो क्या हुआ, तेरी यादों का कारवां तो अब भी रुका है।
कुछ रास्ते सिर्फ तन्हाई तक ले जाते हैं,
जिसे चाहा था दिल से, वो ही बेगाना हो गया, जिसके बिना जी नहीं सकते थे, वही अंजान हो गया।
मोहब्बत इतनी Sad Shayari मत करो कि खुद को भूल जाओ, क्योंकि जो सबसे ज्यादा अपना लगता है, वही सबसे ज्यादा दर्द देता है।
जिसे पाने की चाहत थी, वो सिर्फ़ यादों में रह गया।
मोहब्बत तो थी पर मंज़ूर-ए-क़िस्मत न थी।
अब तो डर लगता है मोहब्बत करने से, क्योंकि जिसे दिल दिया, उसने ही दर्द दिया।